100 दिवसीय अभियान बनाएगा बाल विवाह मुक्त भारत के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग, संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी तथा एमडीडी आफ इंडिया संस्था के संयुक्त तत्वावधान में बेरी गांव में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए कैंडल मार्च निकाला गया। एमडीडी आफ इंडिया से जिला समन्वयक मनोज कुमार ने उपस्थित महिलाओं तथा पुरुषों को बाल विवाह से उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि बाल विवाह के चलते बालिकाओं का शारीरिक मानसिक आर्थिक व भावनात्मक विकास नहीं हो पाता, जिससे वह बालिकाएं जिनका बाल विवाह होता है, वह विकास रूपी दौड़ में पिछड़ जाती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुरेश कुमारी ने उपस्थित महिलाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है, जो कोई व्यक्ति अपने बच्चों का बाल विवाह करवाता है, उसमें उन माता पिता को सजा व जुर्माना दोनों का प्रावधान है। सुरेश कुमारी ने कहा कि मां-बाप को अपनी जिम्मेदारी को समझना होगा और अपने बेटियों को पूर्ण शिक्षित करने में अपनी-अपनी भूमिका निभानी पड़ेगी, तब उनका यह कदम बाल विवाह पर शिकंजा कसेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुनीता ने कहा कि बाल विवाह खत्म करने के लिए लोगों की मानसिकता में बदलाव लाना होगा। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम करने की जरूरत है। साथ ही अगर सब व्यक्ति एक जिम्मेवार नागरिक की भांति बाल विवाह के खिलाफ प्रचार प्रसार करे तो निसंदेह बाल विवाह जैसी बुराई पर अंकुश लगेगा। इस अवसर पर सुशीला, मूर्ति, कुसुम मौजूद रही।