बहादुरगढ़। एचएल सिटी स्थित चैंपियंस एक्वेटिक एकेडमी के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में चल रही 22वीं नेशनल मास्टर्स तैराकी चैंपियनशिप में देशभर से पहुंचे तैराकों का जोश देखते ही बन रहा है। प्रतियोगिता में 25 से 80 वर्ष से अधिक आयु तक के खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में पदक के लिए पूरा दमखम लगा रहे हैं। शनिवार को भिवानी-महेंद्रगढ़ से लोकसभा सांसद धर्मबीर सिंह ने प्रतियोगिता में पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और विजेताओं को पदक पहनाकर सम्मानित किया। हरियाणा तैराकी एसोसिएशन के महासचिव अनिल खत्री ने बताया कि तीन दिवसीय प्रतियोगिता का समापन रविवार को होगा। 100 मीटर फ्रीस्टाइल में 80 वर्ष से अधिक पुरुष वर्ग में केरल के के.सी. सेबेस्टियन ने 2:03.81 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। उत्तर प्रदेश के अजय नारायण ने रजत और तेलंगाना के सुरेश कुमार ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में गुजरात की बाकुला रमणलाल पटेल ने 3:21.33 के समय के साथ स्वर्ण, जबकि महाराष्ट्र की प्रतिभा खरे ने रजत पदक जीता। 75-79 वर्ष पुरुष वर्ग में मणिपुर के सपाम महेन्द्रो सिंह ने 1:47.53 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के शशांक रमेश कुलकर्णी ने रजत और राजस्थान के सतीश सुखीजा ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में दिल्ली की सविता पुरी ने 6:12.79 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। 70-74 वर्ष पुरुष वर्ग में मणिपुर के नोंगमैथेम नारजित सिंह ने 1:20.56 के समय के साथ स्वर्ण, बिहार के मुरारी मोहन शर्मा ने रजत और महाराष्ट्र के रावसाहेब पाटिल ने कांस्य पदक जीता। महिला वर्ग में मणिपुर की अथोकपम मणिबी देवी ने 2:20.57 के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। तमिलनाडु की विद्या सिंह ने रजत और दिल्ली की उषा गौतम ने कांस्य पदक जीता। 65-69 वर्ष पुरुष वर्ग में बिहार के बिजेंद्र राय ने 1:16.31 के साथ स्वर्ण पदक जीता। दिल्ली के जोसेफ कुओक ने रजत और ओडिशा के सुरेंद्र कुमार नाइक ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में कर्नाटक की डॉ. सुनीता राणा अग्रवाल ने 1:28.37 के समय के साथ स्वर्ण, महाराष्ट्र की वंदना अडवाणी ने रजत और कर्नाटक की संगिता साहा ने कांस्य पदक जीता। 60-64 वर्ष पुरुष वर्ग में केरल के एन.एस. देवानंद ने 1:22.67 के साथ स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के मारुति राउसो चरापले ने रजत और तमिलनाडु के देवराजन कंथासामी ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में दिल्ली की लोवलीन जोहल ने 1:58.04 के साथ स्वर्ण और केरल की स्नेहप्रभा ने रजत पदक जीता। 55-59 वर्ष पुरुष वर्ग में महाराष्ट्र के मोईन शिराजी ने 1:02.49 के साथ स्वर्ण पदक जीता। केरल के बैजू के.एन. ने रजत और गुजरात के अमर अरुण शाह ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में महाराष्ट्र की तनुयाज मर्चेंट ने 1:37.89 के साथ स्वर्ण, असम की जौतिमा देवी ने रजत और केरल की जैसी ब्रिगिट जॉन ने कांस्य पदक जीता। 50-54 वर्ष पुरुष वर्ग में दिल्ली के बृज मोहन ने 1:08.61 के साथ स्वर्ण पदक जीता। ओडिशा के दशरथी पटेल ने रजत और महाराष्ट्र के मुर्तुजा अब्बास लेहरी ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में महाराष्ट्र की सुखजीत परमजीत कौर ने 1:40.48 के साथ स्वर्ण, महाराष्ट्र की किरिति नरेंद्र देव ने रजत और ज्योत्सना जीवन जाडे ने कांस्य पदक जीता। 45-49 वर्ष पुरुष वर्ग में एसएससीबी के एन. बिरोला सिंह ने 1:06.88 के साथ स्वर्ण पदक जीता। दिल्ली के सुनीथ कुमार टी.ए. ने रजत और मध्य प्रदेश के कृष्ण कुमार झा ने कांस्य पदक हासिल किया। महिला वर्ग में महाराष्ट्र की स्नेहल भाल ने 1:16.73 के साथ स्वर्ण, केरल की सुमिशा एस. ने रजत और महाराष्ट्र की प्रतिमा बालासाहेब ने कांस्य पदक जीता। सांसद धर्मबीर सिंह ने 80 वर्ष से अधिक आयु के तैराकों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि जज्बे के आगे उम्र की कोई सीमा नहीं होती। जिंदादिली से जीने वाला व्यक्ति हर उम्र में कुछ कर गुजरने का हौसला रखता है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश की खेल नीति से खेलों को प्रोत्साहन मिल रहा है। हरियाणा तैराकी एसोसिएशन के महासचिव अनिल खत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आए मास्टर्स तैराकों ने अपनी फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण का शानदार परिचय दिया है। प्रतियोगिता के परिणामों से स्पष्ट है कि उम्र खेल के जुनून को रोक नहीं सकती। इस मौके पर संग्राम पदक विजेता महेंद्र पहलवान, हरियाणा तैराकी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रवि सिंगारी, सुनील खत्री, तैराकी कोच साई जाधव, पदमपाल, सुनील कादयान, अनिल खत्री उर्फ हनुमान, बलवान कादयान, सत्यनारायण शर्मा और एनआरआई अनिल शर्मा मौजूद रहे।