हांसी के नागरिक अस्पताल में मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कैशलेस भुगतान की व्यवस्था शुरू की गई है। अब मरीज ओपीडी पर्ची की पांच रुपये की फीस से लेकर मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) की 250 रुपये की फीस और अन्य शुल्कों का भुगतान यूपीआई (UPI) के माध्यम से कर सकेंगे। इससे नकदी और खुले पैसों की समस्या का समाधान होगा। जिन मरीजों के पास डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं है, उनके लिए नकद भुगतान का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। नागरिक अस्पताल के डिप्टी सीएमओ डॉ. पुलकित कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था सरकार के डिजिटलाइजेशन अभियान और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत लागू की गई है। मरीज क्यूआर कोड स्कैन करके किसी भी शुल्क का डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। वर्तमान में यह सुविधा तीन से चार काउंटरों पर उपलब्ध है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाकर छह किया जा सकता है। घर बैठे बनवा सकेंगे ओपीडी पर्ची अस्पताल में प्री-रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से मरीज ई-उपचार पोर्टल eupchar.org.in पर जाकर घर बैठे ही ओपीडी के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। अस्पताल पहुंचने पर वे सीधे प्री-रजिस्ट्रेशन काउंटर से पर्ची प्राप्त कर सकेंगे, जिससे लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं होगी। आभा आईडी बनवाने की अपील डिप्टी सीएमओ ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों से आभा (ABHA) आईडी बनवाने की अपील की है। आभा आईडी से मरीज का स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सकेगा। इसमें पुरानी बीमारियों, दवाओं से एलर्जी और अस्पताल में भर्ती होने से जुड़ी जानकारी मरीज की सहमति से उपलब्ध कराई जा सकेगी। अस्पताल में आभा आईडी बनाने के लिए स्कैनर की सुविधा भी उपलब्ध है। डॉ. पुलकित कुमार के अनुसार, आभा आईडी से स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध होने पर मरीजों को पुरानी मेडिकल फाइलें साथ रखने की जरूरत कम हो जाएगी। इससे पुराने उपचार और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को समझने में डॉक्टरों को मदद मिलेगी। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य डिजिटल सुविधाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है।