फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिसार: गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में अक्षरम-2026 कार्यक्रम का आयोजन

शाहिल शर्मा Updated Mon, 06 Apr 2026 12:05 PM IST

गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित ‘अक्षरम-2026’ के दूसरे दिन सेमिनार हॉल नं. 3 में आयोजित दूसरे सत्र ने पूरे महोत्सव को एक नई वैचारिक ऊंचाई प्रदान की। सिरसा से पहुंचे संत रघुबीर सिंह बाजवा ने कहा कि युवा यदि अपनी जड़ों से जुड़ा रहेगा, तो वह न केवल स्वयं सशक्त बनेगा, बल्कि राष्ट्र को भी सशक्त बनाएगा। अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों की महत्ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने जीवन में अनुशासन, सेवा और सकारात्मक सोच को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा जब विचार, संस्कृति और युवा ऊर्जा एक मंच पर मिलते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जाती है।भारत की सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत को समझने और उसे आगे बढ़ाने के लिए काम करना होगा।ज्ञान के साथ-साथ मूल्य, दृष्टिकोण और जिम्मेदारी का संतुलन ही उन्हें एक सशक्त नागरिक बना सकता है। प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने इतिहास, राष्ट्रवाद और वैचारिक स्पष्टता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि “जिस समाज को अपने इतिहास और पहचान का बोध नहीं होता, वह दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता। प्रो. कोशलेंद्र तिवारी ने कहा कि “शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि व्यक्ति को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाना है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें