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हांसी की ऐतिहासिक आमटी झील बदहाली का शिकार, 5 करोड़ की योजना भी अटकी

Video Desk Amar Ujala Dot Com Updated Thu, 04 Jun 2026 04:39 PM IST

अपने इतिहास और पर्यटन स्थल के रूप में पहचान रखने वाली हांसी की आमटी झील इन दिनों बदहाली का शिकार है। कभी अपनी सुंदरता और प्राकृतिक वातावरण से शहर की रौनक बढ़ाने वाली यह झील आज उपेक्षा का दंश झेल रही है। एक समय यहां दूर-दराज से पर्यटक पहुंचते थे, लेकिन अब स्थानीय लोग भी यहां आना पसंद नहीं करते। शहरवासी लंबे समय से इसके जीर्णोद्धार की मांग कर रहे हैं ताकि इसकी खोई हुई पहचान और सुंदरता फिर से लौट सके। ऐतिहासिक किले के साथ स्थित आमटी झील का इतिहास भी काफी पुराना और रोचक है। इतिहासकारों के अनुसार यह स्थान पहले एक तालाब के रूप में जाना जाता था। तालाब के समीप एक प्राचीन हनुमान मंदिर भी स्थित है। बताया जाता है कि वर्ष 1038 ईस्वी में यहां राजा श्रीपाल का शासन था। उस दौरान तुर्क सेना ने हमला कर राजा श्रीपाल के परिवार का संहार कर दिया था। कहा जाता है कि राजा की युवा पुत्री अमृती ने सम्मान की रक्षा के लिए सरोवर में कूदकर जान दे दी थी। इसके बाद इस तालाब को 'अमृती तालाब' कहा जाने लगा। समय के साथ इसका नाम बदलकर आमटी झील पड़ गया। ऐतिहासिक किले के निकट होने के कारण यह स्थान आगे चलकर एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित हुआ।

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