फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भिवानी: आस्था, इतिहास और विकास का जीवंत संगम है धूलकोट गांव

शाहिल शर्मा Updated Sun, 29 Mar 2026 05:14 PM IST

क्षेत्र का ऐतिहासिक गांव धूलकोट अपनी समृद्ध विरासत, धार्मिक आस्था, मजबूत सामाजिक सौहार्द और उल्लेखनीय प्रशासनिक उपलब्धियों के कारण क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। जिला मुख्यालय भिवानी से 55 किलोमीटर और उपमंडल सिवानी से 11 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव वर्ष 1344 संवत में श्याम सिंह राजपूत द्वारा स्थापित किया गया था। करीब 3000 की आबादी वाला यह गांव परंपरा और आधुनिकता का संतुलित उदाहरण है जहां एक ओर प्राचीन धरोहरें हैं तो दूसरी ओर शिक्षा और उपलब्धियों से आगे बढ़ती युवा पीढ़ी है। गांव की धार्मिक पहचान का केंद्र माता मनसा देवी का प्राचीन मंदिर है, जिसका निर्माण लगभग 600 वर्ष पूर्व भौम सिंह बंजारा द्वारा करवाया गया था। मंदिर की भव्य दीवार के एक कोने पर अंकित रहस्यमयी लिखावट आज भी अनसुलझी पहेली बनी हुई है जिसे आज तक कोई पढ़ या समझ नहीं पाया। मंदिर परिसर में स्थित लगभग 300 वर्ष पुराना बरगद का विशाल वृक्ष आस्था का प्रमुख केंद्र है। इसके अलावा दादी गोरी मंदिर, बाबा भैरव मंदिर, मुख्य बस स्टैंड पर शिव मंदिर और लखदाता पीर बाबा की दरगाह गांव में धार्मिक एकता और भाईचारे की सशक्त मिसाल पेश करते हैं। स्वर्गीय इंस्पेक्टर मोहनलाल फुलिया के बेटे सतवीर सिंह फुलिया आईएएस के रूप में ट्रांसपोर्ट कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुए जबकि रेणु फुलिया आईएएस मानव आयोग व सेक्रेटरी टू होम पद से रिटायर हुईं। सुभाष फुलिया हिसार कोर्ट में ज्यूडिशरी मेंबर हैं। सुशील फुलिया भैंस अनुसंधान केंद्र हिसार में प्रिंसिपल साइंटिस्ट और राकेश फुलिया ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट दिल्ली में एचओडी के पद पर कार्यरत हैं। डॉ अंकिता अमेरिका में एमडी, अंकुश फुलिया आईआईटी दिल्ली टॉपर और डॉ रिद्धिमा पंचकूला में एमबीबीएस, एमडी के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2008 में गांव को निर्मल गांव घोषित किया गया था जिसके लिए तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल द्वारा सम्मानित किया गया। उस समय के युवा सरपंच और सरपंच यूनियन के पूर्व प्रधान सतपाल गोदारा के नेतृत्व में गांव में सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और पक्की सड़कों सहित कई विकास कार्य ग्रामीणों के सहयोग से किए गए जिससे गांव स्वच्छता में मिसाल बना। खेती-बाड़ी के साथ पॉलीहाउस और मुर्गी पालन को अपनाकर किसान आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं। गांव मुख्य बस स्टैंड पर शहीद स्मारक में चंद्रशेखर आजाद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव की प्रतिमाए स्थापित और स्कूल में स्थापित शहीद बाबा हरभजन सिंह की प्रतिमा युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करती है। गांव में रोडवेज बस सेवा का अभाव, गंदे पानी के नाले की समस्या और तलाब की चारदीवारी न होना प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं। गांव में मिडिल तक का स्कूल स्थापित है जबकि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थी खेड़ा , रुपाणा के साथ-साथ सिवानी ,हिसार और भिवानी जाकर शिक्षा ग्रहण करते हैं।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें