मानसून के मौसम में हवा में नमी बढ़ने और लगातार पसीना आने त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। इस दौरान फंगल संक्रमण, दाद, खुजली, रैशेज और एलर्जी के मामले अस्पतालों की ओपीडी में अधिक देखने को मिल रहे हैं। जिन लोगों को अधिक पसीना आता है, मधुमेह है या लंबे समय तक गीले कपड़ों और जूतों में रहना पड़ता है, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। ऐसे में त्वचा की साफ-सफाई, शरीर को सूखा रखना और किसी भी तरह के संक्रमण के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करना बेहद जरूरी है।