महाराष्ट्र के कल्याण स्थित शास्त्री नगर अस्पताल में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए कथित हमले के बाद चिकित्सकों में गहरा आक्रोश है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली की फैकल्टी एसोसिएशन (फेम्स) ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार से डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एक सख्त केंद्रीय सुरक्षा कानून बनाने की मांग की है। एसोसिएशन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और महाराष्ट्र सरकार को पत्र भेजकर कहा कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों पर हुआ हमला केवल कुछ व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षित कार्य वातावरण पर हमला है। संगठन के अनुसार, यदि घटना में जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता की रिपोर्ट सही है तो यह मामला और भी गंभीर हो जाता है और इसकी निष्पक्ष और जल्दी जांच होनी चाहिए। फेम्स के अध्यक्ष डॉ. अमरिंदर सिंह मल्ही और महासचिव डॉ. केशव गोयल ने बताया कि पिछले कई वर्षों से डॉक्टरों पर हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने विभिन्न घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार विरोध, आश्वासन और समितियों की सिफारिशों के बावजूद अब तक कोई व्यापक केंद्रीय कानून लागू नहीं किया गया है। फेम्स ने केंद्र सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर हिंसा को संज्ञेय व गैर-जमानती अपराध घोषित करने वाला केंद्रीय कानून बने। वहीं, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो। इसके अलावा दूसरी कई मांगे शामिल हैं।