शहर में सुरक्षा इंतजामों के दावों को सेक्टर-58 में बृहस्पतिवार को हुई इंजीनियर आर्यन की मौत ने हिलाकर रख दिया है। इसके पहले शहर की सड़क सुरक्षा व बचाव इंतजाम पर सवाल 16 जनवरी की रात सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार समेत डूबकर हुई मौत के बाद उठे थे। युवराज की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। प्रदेश के उच्च अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि तक मौके पर पहुंचे थे, कई दावे सेक्टर-150 में सड़क सुरक्षा को लेकर किए गए थे। लेकिन 6 महीने बीतने के बाद भी वो दावे धरातल पर नहीं उतर पाए हैं। जिस खाईनुमा प्लॉट में युवराज की डूबने से मौत हुई थी उसमें बारिश के साथ फिर पानी भरने लगा था। भरने वाले पानी में किए गए तमाम दावे डूबते हुए नजर आ रहे हैं।