गौतमबुद्ध नगर के सरकारी विद्यालय पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि बच्चों से मजदूरी करना सिखाने के लिए खुले हुए है। बीते दस दिन में यह तीसरा मामला है जब ग्रेटर नोएडा के सरकारी स्कूल में बच्चों से काम करने का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव स्थित सरकारी विद्यालय का बताया जा रहा है। इसमें नन्हे-मुन्ने बच्चे स्कूल परिसर में मजदूरों जैसा कार्य करते हुए नजर आ रहे हैं। ऐसे में गुरूजी प्रदेश सरकार के शिक्षा को बढ़ावा देने के बड़े बड़े दावों फैल करते हुए नजर एक रहे है। वहीं, बच्चों से मजदूरी करते हुए लगातार हो रहे वीडियो वायरल के बाद भी शासन, प्रशासन व शिक्षा विभाग की नींद नहीं टूट रही है। वीडियो वायरल होने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया है और अभिभावकों ने विद्यालय प्रशासन, प्रधानाचार्य पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रेटर नोएडा के जुनपत गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि स्कूली बच्चे दो से तीन ईटों को ले जा रहे है। वीडियो में कुछ बच्चों का यह भी कहना है कि वे यह काम “गुरूजी के कहने पर” कर रहे हैं। सरकारी विद्यालय में शिक्षा के अधिकार अधिनियम, 2009 का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। जिसके तहत किसी भी बच्चे से शारीरिक श्रम या मजदूरी कराया जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी से इसकी जांच कर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विद्यालय में एक चपरासी वर्षों से नियुक्त होने के बावजूद, उसका कार्य बच्चों से जबरन कराया जाता है। इससे बच्चों का न केवल शैक्षिक नुकसान हो रहा है, बल्कि उनका शोषण भी हो रहा है, जो बाल संरक्षण कानूनों और शिक्षा के अधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने इसकी जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी व बेसिक शिक्षा अधिकारी से मांग की है। उनका कहना है की बच्चों से करवाए जा रहे सभी गैर-शैक्षिक और अवैध कार्य तुरंत रोके जाएं। वीडियो में दिख रहे दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा का वातावरण सुनिश्चित किया जाए। चेतावनी दी है क यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष विरोध प्रदर्शन करेंगे। मामले की जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।- राहुल पवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी।