ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने दो दशक पहले श्यौराजपुर गांव को भले ही आदर्श गांव घोषित कर दिया हो, लेकिन यहां के ग्रामीण अभी भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रह रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कागजों पर सीवर और पानी की पाइप लाइन डाल दी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भी काम नहीं हुआ है। बारातघर और शमसान घाट अधूरे पड़े हैं। गलियों और नालियों की सफाई नहीं हो रही है। गांव के मुख्य मार्गों की स्थिति बदहाल हो चुकी है शिकायत किए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, जिस कारण ग्रामीणों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।