रोहतक में 16 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हार्दिक राठी की टूटी पोल गिरने से मौत ने खेल जगत में हड़कंप मचा दिया है। घटिया निर्माण, लापरवाही और मिलावटी सामग्री के उपयोग ने खेल सुविधाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे पर गुरुग्राम के प्रमुख बास्केटबॉल कोर्ट की पड़ताल की गई। जिले में दो प्रमुख बास्केटबॉल मैदान है। जहां खेल विभाग के कोच खिलाड़ियों को कोचिंग देते हैं। नेहरू स्टेडियम में एकमात्र बास्केटबॉल कोर्ट है। जहां रोजाना लगभग 50 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। निरीक्षण में कोर्ट के पोल और बोर्ड सुरक्षित मिले लेकिन फर्श पर जगह- जगह खुरदुरापन और उभार दिखा। खिलाड़ियों के अनुसार, अभ्यास के दौरान कई बार फिसलन की समस्या आती है। जिससे चोट का खतरा बढ़ जाता है। स्टेडियम प्रबंधक ने बताया कि कोर्ट की नियमित जांच होती है और छोटी-मोटी मरम्मत जारी रहती है। वहीं, ताऊ देवीलाल स्टेजियम में तीन बास्केटबॉल कोर्ट है। जहां रोजाना करीब 150 खिलाड़ी अभ्यास करते हैं। ये कोर्ट डेढ़ साल पहले नए सिरे से तैयार किए गए थे। निरीक्षण में तीनों कोर्ट की स्थिति बेहतर पाई गई। फर्श, बैकबोर्ड और पोल में किसी भी तरह की तकनीकी खामी नजर नहीं आई।