रजिस्ट्री कार्यालय में अब संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। बुधवार को दोपहर तीन बजे तक लगभग 20 रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी थीं, जबकि 18 टोकन जारी किए गए। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद आम नागरिकों और वकीलों के बीच मिले–जुले अनुभव सामने आ रहे हैं। लोगों ने बताया कि ऑनलाइन सिस्टम ऑफलाइन की तुलना में थोड़ा जटिल है। कई चरण और तकनीकी प्रक्रियाएं समझने में कठिन प्रतीत होती हैं, जिस कारण उन्हें बार-बार कार्यालय आना पड़ता है। वहीं वकीलों का कहना है कि पहले जहां ऑफलाइन प्रणाली के तहत प्रतिदिन 100 से 120 रजिस्ट्री हो जाती थीं, वहीं अब ऑनलाइन व्यवस्था के चलते यह संख्या घटकर 20 से 30 रजिस्ट्री प्रतिदिन रह गई है।