विकासनगर में धान की फसल की कटाई लगभग पूरी हो गई है। किसान अब गेहूंं की बुवाई क तैयारी में जुट गए है। जिसके लिए किसानों ने अपने खेत जोतने शुरू कर दिए है। मैदानी क्षेत्रों में गेहूं की बुवाई अधिकतर धान की फसल से खाली हुए खेतों में की जाती है। गेहूं की अगेती बुवाई 25 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच होती है। जबकि सामान्य समय पर गेहूं की बुवाई करने के लिए नवंबर का दूसरा पखवाड़ा उत्तम समय रहता है। कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के प्रभारी डॉ. एके शर्मा ने बताया कि धान की कटाई के बाद 10 से 15 दिन तक खेत को खाली छोड़ दें। बताया कि उसके बाद धान की कटाई के समय खेत में बचे हुए ठूंठ एवं तने को सड़ाने के लिए प्रति बीघा 5 किग्राम यूरिया बिखेर कर जुताई कर देनी चाहिए। बताया कि जुताई के बाद पलेवा अवश्य करें। इससे खेत में ठूंठ एवं फसल अवशेष शीघ्रता से सड़ने लगते हैं और वह खाद में बदल जाते है।