विकास खंड कीर्तिनगर के चौरास क्षेत्र को जिला प्राधिकरण टिहरी नरेंद्रनगर के दायरे में लाने व जबरन प्राधिकरण के नियम थोपे जाने से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता में आक्रोश है। इस संदर्भ में रविवार को चौरास क्षेत्र के लोगों ने मातृ शक्ति बारात घर चौरास में बैठक आयोजित की। बैठक में जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य डाॅ. उत्तम भंडारी ने कहा कि चौरास क्षेत्र में बिना गजट नोटिफिकेशन के प्राधिकरण की ओर से जबरन नियम लागू कर लोगों को परेशान किया जा रहा है। लोगों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजयंत सिंह निजवाला ने कहा कि वर्ष 1982 में चौरास को विनियमित क्षेत्र में शामिल किया गया और वर्ष 1994 में श्रीनगर महायोजना शुरू की गई। सरकार की इस नीति का हर मोर्चे पर घोर विरोध किया जाएगा। कहा कि जिन लोगों ने वर्ष 2011 के बाद आवासीय भवनों का निर्माण करवाया, उन्हें नोटिस जारी कर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने भवनों के मानचित्र पास करवाने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए ग्रामीणों के साथ धोखा बताया। कहा कि सरकार की ओर से ग्रामीण परिवेश को जबरन प्राधिकरण में शामिल करने से गांव की संस्कृति और परंपराओं को समाप्त किया जा रहा है। डॉ. प्रताप भंडारी ने कहा कि क्षेत्र में सड़क, पथ प्रकाश, पेयजल जैसी अनेक मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।