जवाहर बाग कांड का मास्टरमाइंड रामवृक्ष यादव की डीएनए रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। इस मामले में रामवृक्ष के अधिवक्ता सात अगस्त को स्थानीय अदालत में प्रार्थनापत्र देकर डीएनए रिपोर्ट मंगाने की मांग करेंगे।
बता दें कि दो जून 2016 की शाम पांच बजे जवाहर बाग में जैसे ही तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी और एसएचओ फरह संतोष यादव ने पुलिस टीम के साथ कारागार की तरफ से दीवार तोड़कर कब्जा लेने का प्रयास किया तो ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, जिसमें दोनों अधिकारी शहीद हो गए। कब्जाधारियों में से कुल 27 लोगों की मौत हुई। इसी दौरान कब्जाधारियों का नेतृत्व कर रहे रामवृक्ष यादव गायब हो गया।
पुलिस ने एक शव को रामवृक्ष यादव का बताया। पोस्टमार्टम पर उसके साथी हरनाथ से शिनाख्त भी कराई लेकिन हरनाथ बाद में पुलिस के समक्ष शिनाख्त करने से मुकर गया। यहीं से उस शव के रामवृक्ष यादव के होने पर शक गहराता गया। बाद में पुलिस व सीबीआई ने रामवृक्ष के पुत्र राजनारायण और पुत्री गुड़िया का खून लेकर डीएनए जांच के लिए भी भेजा। लेकिन अभी तक डीएनए जांच की रिपोर्ट नहीं आ सकी। रामवृक्ष के अधिवक्ता एलके गौतम ने बताया कि वह सात अगस्त को एडीजे-6 की अदालत में रामवृक्ष की डीएनए रिपोर्ट मंगाए जाने के लिए आवेदन देंगे।
जवाहर बाग हिंसा: पांच साल बाद भी शहीद पुलिस अफसरों को नहीं मिल सका न्याय, न 'सम्मान'