पुलिस जब आ ही जाए ऐन सिर पर
और उसकी लाठी नृत्य करने लगे
तुम्हारी पीठ पर
इनकार कर देना झुकने से ।
बिच्छू जब आ ही जाएँ
और डंक मार दें चाहे
तुम्हारी आँखों और कानों पर
इनकार कर देना उनके वश में आने...और पढ़ें
जब मिट्टी थे मेरे शब्द
मेरी दोस्ती थी गेहूँ की बालियों से
जब क्रोध थे मेरे शब्द
ज़ंजीरों से दोस्ती थी मेरी
जब पत्थर थे मेरे शब्द
मैं लहरों का दोस्त हुआ
जब विद्रोही हुए मेरे शब्द
...और पढ़ें
अग़र कुछ करना है
तो कर डालो
वरना शुरू भी मत करना!
अग़र कुछ करना है
तो कर डालो
भले ही तुमसे छूट जाए
तुम्हारी प्रेमिका
या पत्नी
या नौकरी
या फ़िर तुम्हारा दिमाग
लेकिन...और पढ़ें
लड़ाई शुरू हो गई और राह बेहद मुश्किल
पर तुम मेरे साथ चल रहे हो, मेरे हमराह !
कहीं चढ़ाई है यहाँ, कहीं ढलान, राह पंकिल
पर हम मंज़िल को छुएँगे, मन में है उछाह
हम दोनों भाग रहे हैं और मंज़िल एक हमारी
तेज़ी से ब...और पढ़ें
वे सूँघने लगते हैं तुम्हारी सांसें
ऐसा तो नहीं तुमने कहा हो : मैं प्यार करता हूँ ।
वे सूँघने लगते हैं तुम्हारा हृदय –
(कितना विचित्र समय है, मेरे प्रिय)
और वे चाबुक लगाते हैं प्रेम को
हर नाके पर ।
...और पढ़ें
अगर
अगर तुम तब भी अपने दिमाग पर काबू रख सकते हो
जब सभी बेकाबू होकर तुम्हे दोष दे रहें हों।
अगर तुम खुद पर भरोसा रख सकते हों जब सब तुम पर शक करें
परन्तु उनकी शिकायतों को भी तवज़्ज़ो दे सकते हो।
अगर तुम प्रतीक्षा कर सकत...और पढ़ें
चाहे कुछ भी हो जाए, पर ज़िन्दा रहो ।
मौत आने से पहले मत मरो।
ख़ुद को खोने मत दो, उम्मीद डुबोने मत दो,
अपनी दिशा को गुम होने मत दो।
ज़िन्दा रहो,
ख़ुद अपने आप के साथ, अपने शरीर की हर थाप के साथ,
अपनी त्...और पढ़ें
वो अन्त नहीं जैसा तुमने सोचा
अभी और नए पात्र फिर दिखेंगे रंगमंच पर
आएगा एक और नया मोड़
मध्यान्तर के बाद — फिर छलकेगा नया रंग
और तुम्हारे सिर पर गिरेंगी प्रकाश की फुहारें
कहानी अभी अधूरी है !
न...और पढ़ें
अनजाने परों पर आसीन
मैं
स्वप्न के अंतिम सिरे पर
वहाँ मेरी खिड़की है
रात्रि की शुरूआत जहाँ से होती है
और
वहाँ दूर तक मेरा जीवन फैला हुआ है
...और पढ़ें
मैं तुम्हें चाहती हूँ हालाँकि मालूम है
कभी अपने सीने से लगा नहीं पाऊंगी तुम्हें
स्वच्छ और चमकीले आकाश हो तुम
और मैं अपने पिंजरे के इस कोने में
दुबकी हुई एक बंदी चिड़िया।
सर्द और काली सलाखों के पीछे से
...और पढ़ें