अनजाने परों पर आसीन
मैं
स्वप्न के अंतिम सिरे पर
वहाँ मेरी खिड़की है
रात्रि की शुरूआत जहाँ से होती है
और
वहाँ दूर तक मेरा जीवन फैला हुआ है
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