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Hindi Shayari: सचिन शालिनी की 2 चुनिंदा ग़ज़लें

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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इक चेहरे पर रोज़ गुज़ारा होता है
प्यार किसी को कब दोबारा होता है

मैं तुम पर हर बार भरोसा करता हूँ
इतना सच्चा झूठ तुम्हारा होता है

तुम मेरे इस दिल को पागल मत कहना
अपना बच्चा सब को प्यारा होता है

तुम जाओ पर यादों को तो रहने दो
यादों का भी एक सहारा होता है

उस पंछी का हाल 'सचिन' किस ने समझा
जो पिंजरे में क़ैद दोबारा होता है

2-
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दो ही किरदार थे कहानी में

दो ही किरदार थे कहानी में
दोनों ही मर गए जवानी में

लोग लाशें निकाल पाए बस
इश्क़ डूबा हुआ था पानी में

ज़िंदगी जल चुकी थी लकड़ी सी
राख बस बच गई निशानी में

मोड़ आया था मैं मुड़ा ही नहीं
हो गई भूल ज़िंदगानी में

था 'सचिन' शख़्स इक मिरे जैसा
और वो मैं था बद-गुमानी में

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6 घंटे पहले
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