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जव्वाद शैख़: सब को बचाओ ख़ुद भी बचो फ़ासला रखो

काव्य डेस्क

Urdu Adab
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सब को बचाओ ख़ुद भी बचो फ़ासला रखो


अब और कुछ करो न करो फ़ासला रखो

ख़तरा तो मुफ़्त में भी नहीं लेना चाहिए
घर से निकल के मोल न लो फ़ासला रखो

फ़िलहाल इस से बचने का है एक रास्ता
वो ये कि इस से बच के रहो फ़ासला रखो

दुश्मन है और तरह का जंग और तरह की
आगे बढ़ो न पीछे हटो फ़ासला रखो

हल भी तलाश कर लिया जाएगा अन-क़रीब
तुम इस वबा को बढ़ने न दो फ़ासला रखो

रखने की बस ये तीन ही चीज़ें हैं इन दिनों
हिम्मत रखो यक़ीन रखो फ़ासला रखो

करते हो जिस तरह बुरे लोगों से इज्तिनाब
अच्छों से भी गुरेज़ करो फ़ासला रखो
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6 घंटे पहले
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