विज्ञापन

यह गीत आपकी जिल्लत को जिद में बदल देगा

शरद मिश्र

Mere Azeez Filmi Nagme
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  जिंदगी में सभी  को कुछ न कुछ जरूरत है, आदमी का जन्म ही कुछ न कुछ पाने के लिए हुआ है | जीवन में आने के बाद सभी अपनी योग्यता और क्षमता के अनुसार कुछ न कुछ पाने के लिए प्रयास करते हैं| इसके बाद भी आदमी के मन में आसमान छूने की लालसा हमेशा बनी रहती है और शायद जीवन इसी लालसा का नाम है|     
                                                              
                  

                    
                                        
                         
                                                                                   
                            
                         
                                                            
                                
विज्ञापन

गुलज़ार के सीधे और सरल से शब्द उदास दिल को एक गहरी तान देते हैं...

अधूरे सपने लेकर हमेशा बेचैन रहने वाले लोगों को यह गीत बहुत कुछ हिम्मत और दिलासा दे सकता है| थोड़ा है थोड़े की जरूरत है जिंदगी फिर भी यहां खूबसूरत है | जिंदगी की नाकामी को यह गीत मुझे शिद्दत से समझने का अवसर हमेशा से देते आया है| किशोर कुमार की दिलकश आवाज़ और गिटार की तान के साथ शुरू होता यह गीत निराश मन को आशा और उम्मीद का पथ भलीभाँति दिखाता है | गुलज़ार के सीधे और सरल से शब्द उदास दिल को एक गहरी तान देते हैं| निराशा को आशा में बदलने वाला यह गीत बचपन से ही मुझे पसंद है | 

अपने अधूरे सपने को पूरा करने की फिर से कोशिश कर...

गीत कह रहा है कि लाख कोशिश करने के बाद भी किस्मत के खेल में अगर सपने पूरे न हो सके हैं तो निराश मत हो और जो तेरे पास है उसके होने का एहसास और गहरा कर तथा उसे अहम समझते हुए अपने अधूरे सपने को पूरा करने की फिर से कोशिश कर| 
 

सरल शब्दों में जिंदगी को गहरे दर्शन की बात कह रही है...

 गीत कहता है थोड़ा है इसको बहुत  कुछ मान और थोड़े की जरुरत है को दिल में रखकर जिंदगी को खूबसूरत करने में तन मन से जुट जा| गीत के पहले अन्तरे की अंतिम लाइन जिंदगी फिर भी यहां खूबसूरत है शायद यही कह रही है | ये लाइन थक चुके राही को आगे चलते रहने की प्रेरणा दे रही है | सरल शब्दों में जिंदगी को गहरे दर्शन की बात कह रही है |

गीत यही एक सुखद सन्देश दे रहा है...

जिल्लत की जिंदगी जी रहे आदमी को गीत आगे कह रहा है कि जिस दिन पैसा होगा मतलब उस दिन जिंदगी के पहिये घूमेंगे गीत में इसी लाइन के साथ अभिनेता राकेश रौशन अपनी प्रेमिका के साथ ख्वाबों ख्याल में डूब जाते हैं और वो कहने लगते हैं कि बादल पर उड़ना होगा| मतलब जीवन के ख्वाब एक बार फिर मचलने लगते हैं | इसलिए जो थोड़ा है उसका सहारा लेते हुए बादल में उड़ने की कोशिश आम आदमी को जारी रखनी चाहिए गीत यही एक सुखद सन्देश दे रहा है | 

मन में आशा और हिम्मत हमेशा कायम रखो...

देश के करीब ७५ फीसदी आदमी इस गीत के अभिनेताओं की तरह जीवन जी रहे हैं|  १९७८ में रिलीज़ हुई फिल्म खट्ठा मीठा के इस गीत का सार यही है कि मन में आशा और हिम्मत हमेशा कायम रखो इससे एक न एक दिन रात का घूँघट अवश्य उतरेगा  और दिन की डोली चमकेगी |

तो न जाने अलबेले किशोर के ये थोड़े से  शब्द...

राजेश रौशन के मधुर संगीत के बीच जब अमर किशोर दा जोर देकर यह कहते हैं कि बोलो ऐसा होगा। तो न जाने अलबेले किशोर के ये थोड़े से  शब्द कितनी हिम्मत और दिलासा एक उदास दिल को दे जाते हैं। 

आप भी इस गीत को यहां सुनिए और अपने सपने को पूरा करने की कोशिश में डूब जाइये।  

6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

kamlesh ranjan

1 कविता

View Profile