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मोहब्बत की मीठी छुअन...छूकर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा 

काव्य डेस्क

Mere Azeez Filmi Nagme
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                                                  1981 में रिलीज फिल्म 'याराना' में सभी गीत मधुर और संगीतमय हैं। 'छूकर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा' इस फिल्म का सबसे बेस्ट गीत है। सुनसान इंडोर स्टेडियम में अमिताभ बच्चन और नीतू सिंह पर फिल्माए गए इस गीत के बोल और संगीत की जुगलबंदी देखते ही बनती है। अमिताभ और नीतू के बीच प्रेम की इमारत इस गीत में तैयार होती है। किशोर कुमार की कर्णप्रिय आवाज तथा राजेश रोशन के संगीत के साथ आनंद बक्षी के हसीन बोलों की वजह से यह गीत काफी चर्चित हुआ।    
                                                              
                  

                    
                                        
                         
                                                                                   
                            
                         
                                                            
                                
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बदला ये मौसम, लगे प्यारा जग सारा

गीत कहता है कि प्यार इंसान को हर वक्त निखारता है। प्यार इंसान के अंदर से अच्छाईयां निकालता है। अक्सर कहा जाता है इंसान को जिंदगी में इश्क अवश्य करना चाहिए। इश्क इंसान को अच्छा बनाता है। इस गीत में अमिताभ नायिका नीतू सिंह से कहते हैं कि अगर तुम्हारी इच्छा है तो मैं गाता हूं। मैं प्रेम में इतना अच्छा गाऊंगा कि मेरे गीतों में यह सारा जग तुम्हें ढूढ़ेगा।

छू कर, मेरे मन को, किया तूने, क्या इशारा
बदला ये मौसम, लगे प्यारा जग सारा
छू कर...

 

तू जो कहे जीवन भर, तेरे लिये मैं गाऊँ...

गीत के बोल...छूकर मेरे मन को किया इशारा...बता रहा है कि इस गीत में रूह की कशिश है। गीत का सार है कि प्रेम एक ऐसा रस है जिसमें अगर अहं घुलने लगे तो समझिए आप कुछ ठोस कर रहे हैं। अन्यथा हवा में ही भटकते रहने का जीवन में कोई मतलब नहीं है। 

तू जो कहे जीवन भर, तेरे लिये मैं गाऊँ,
तेरे लिये मैँ गाऊँ,
गीत तेरे बोलों पे लिखता चला जाऊँ,
लिखता चला जाऊँ,
मेरे गीतों में, तुझे ढूँढे जग सारा
छू कर...

 

खुशियाँ जहाँ भर की, तुझको नज़र कर दूँ...

नीतू सिंह की इच्छा पर इस फिल्म में नायक अमिताभ बच्चन अक्खड़ गंवार ग्रामीण से एक स्मार्ट शहरी युवक बन जाते हैं। अमिताभ के दोस्त अमजद खान का योगदान भी काफी अहम है। अमजद खान अमिताभ को गायक बनाने में अपना सब कुछ गिरवी भी रख देते हैं। अमजद अमिताभ को गांव से शहर लाते हैं। गाायक बनने की कहानी वाली इस फिल्म में यह गीत मुख्य धुरी है। अमिताभ मधुर-मधुर गीत गाते हुए दोस्ती की इस फिल्म को मुकम्मल करते हैं। 

आजा तेरा आँचल ये, प्यार से मैं भर दूँ,
प्यार से मैं भर दूँ,
खुशियाँ जहाँ भर की, तुझको नज़र कर दूँ,
तुझको नज़र कर दूँ,
तू ही मेरा जीवन, तू ही जीने का सहारा
छू कर...


आप भी इस गीत को यहां सुन सकते हैं-
8 वर्ष पहले
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Nathuram Kaswan

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