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मुख्तसर

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मुद्दत-ए-हिज़्र, अब मुख्तसर कर लेते हैं।
        
                                                    
                            
ये बची हुई जिंदगी, यूं बसर कर लेते हैं।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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