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जल कर देखते हैं

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चिराग की तरह जलकर देखते हैं।
        
                                                    
                            
इसी उजाले में, चलकर देखते हैं।।

तुम तो हमारे लिए बदल ना सके।
मगर अब हम बदलकर देखते हैं।।
-यूनुस खान
3 घंटे पहले
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