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ही सही

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गर सुरूर नहीं मुमकिन, तो खुमार ही सही।
        
                                                    
                            
ऐ साकी आज हमको तेरी दुत्कार ही सही।।

तेरी मर्ज़ी से वाबस्ता हैं , ये फैंसले दिल के।
तूने कुछ तो हमें समझा,लाएतबार ही सही।।
-यूनुस खान
एक घंटा पहले
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