विज्ञापन

हारा नहीं हूं मैं

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हार से डरकर, यूं हारा नहीं हूं मैं।
        
                                                    
                            
हौंसला है,तो बेसहारा नहीं हूं मैं।।

नजर बदली, तो सब बदल गया।
मान,अब तेरा किनारा नहीं हूं मैं।।
-यूनुस खान
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Rajesh Ranjan

2 कविताएं

View Profile

Dn Chaubey

7356 कविताएं

View Profile

श्री सनातन

631 कविताएं

View Profile

Dharmenjay Hembram

4 कविताएं

View Profile