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एक ही नजारा

Yunush khan

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हर सिम्त,अब एक ही नजारा दिखता है।
        
                                                    
                            
सुकूँ-चैन भी आज , बेसहारा दिखता है।।

साहिल पे पहुंचने का, जुनून है इस कदर।
बीच मंझधार भी अब,किनारा दिखता है।।
-यूनुस खान
2 वर्ष पहले
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