विज्ञापन

बज़्म ए अहमद

Waqil ahmad

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            “सवाल ये है कि आदाब किया करते हैं,
        
                                                    
                            
कमाल ये है कि शादाब हुआ करते हैं।
जिन्हें हर दौर की ठोकर सँवार देती है,
वही किरदार में नायाब हुआ करते हैं।”
— वकील अहमद रज़ा,,,,,
17 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12711 कविताएं

View Profile

Vijay BindaasRaja

192 कविताएं

View Profile