विज्ञापन

नारी शक्ति है, सम्मान है...

Vivek Maurya

Mere Alfaz
विज्ञापन
                                    
                                                                        
                            नारी शक्ति है ,सम्मान है
        
                                                    
                            
नारी गौरव है, अभिमान है
नारी ने ही ये रचा विधान है
हमारा नतमस्तक इसको प्रणाम है
नारी शक्ति..................

ये लक्ष्मी ,ये सरस्वती
यही दुर्गा का अवतार है
ये अनुसूया, यही सावित्री
यही काली रूप का वैभव है
नारी शक्ति................

लक्ष्मीबाई जैसा साहस इसमें
मीराबाई जैसा प्रेम है
पद्मावती जैसा जौहर इसमें
दुर्गावती जैसा पराक्रम है
नारी शक्ति..................

कदम से कदम मिलाकर चलना
सैन्य,पराक्रम में पीछे न हटना
बुलंद हौसलों का परिचय देकर
अरुणिमा,नीरजा का हो रहा गान है
नारी शक्ति........................

यही इंदिरा ,यही सरोजनी
यही टेरेसा जैसी नारी हैं
बेदी जैसी कड़क,सुष्मिता जैसी प्यारी है
नारी शक्ति.....................

सुर सरगम का सार लता का
सुंदरता में ऐश्वर्या है
छुआ आसमान को ऐसी आयशा
खेल के मैदान में मिताली है
नारी शक्ति...................

यही पालन हार हमारी
यही हमारी जननी है
इसका कदम है विकास के पथ में
यही हमारी धन की देवी है
नारी शक्ति..................

विस्वस्वरूपा,जगजननी
यही हमारी भार्या
यही हमारी अर्द्धांगिनी
इसके चरणों की रज को
मस्तक पे हमने लगाया है
नारी के सम्मान के खातिर
एक कदम हमने बढ़ाया है
नारी शक्ति है, सम्मान है
नारी गौरव है,अभिमान है

- लवविवेक मौर्या(लखीमपुर खीरी)

हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है। 

आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
8 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Powari Bhasha

333 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

416 कविताएं

View Profile

jagdish bhandari

13 कविताएं

View Profile