मान अपनी बातों को पत्थर की लकीर उसे जुबान कहते हैं ,
बेरुखी बेवफाई सह कर , भी गद्दारी न करे उसे ईमान कहते हैं,,
सम्मान कहते है उसको जो दूसरे के सर को भी ऊंचा रखे,
दर्द से आगे बढ़ कर जो हाथों में उतरे उसे निशान कहते हैं।