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निशान

Vishal turi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मान अपनी बातों को पत्थर की लकीर उसे जुबान कहते हैं ,
        
                                                    
                            
बेरुखी बेवफाई सह कर , भी गद्दारी न करे उसे ईमान कहते हैं,,
सम्मान कहते है उसको जो दूसरे के सर को भी ऊंचा रखे,
दर्द से आगे बढ़ कर जो हाथों में उतरे उसे निशान कहते हैं। 
एक वर्ष पहले
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