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निशान

                
                                                         
                            मान अपनी बातों को पत्थर की लकीर उसे जुबान कहते हैं ,
                                                                 
                            
बेरुखी बेवफाई सह कर , भी गद्दारी न करे उसे ईमान कहते हैं,,
सम्मान कहते है उसको जो दूसरे के सर को भी ऊंचा रखे,
दर्द से आगे बढ़ कर जो हाथों में उतरे उसे निशान कहते हैं। 
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एक वर्ष पहले

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😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
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