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हौसलों की उड़ान

Vinita Tirpude

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तू ख़ुद को यूँ ही ज़ाया मत होने दे,
        
                                                    
                            
तू लड़ अपने हक़ के लिए।
तू चल, दौड़ और गिर भी—पर रुक मत।

माना मंज़िल अभी कोसों दूर है,
लेकिन मंज़िल मिलेगी तुझे भी एक दिन।

तू बस हिम्मत मत हार,
क्योंकि असली योद्धा जग से लड़कर ही बनते हैं।

सूरज-सा तेज़ है तू—ये ठान ले, ये मान ले।
जाना है शिखर पर तुझे,
सच कर दिखाने हैं वो सारे ख़्वाब,
जो तूने बरसों से संजोकर रखे थे।

तू ख़ुद को यूँ ही ज़ाया मत होने दे।

 
एक घंटा पहले
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