महिलाओं को तार-तार करने वाला इंसान।
अब कहां जाएगा।
कही बेटी मारी जा रही तो, कही बहू।
अब कितना, अत्याचार किया जाएगा।
महिलाओं को तार-तार करने वाला इंसान।
अब कहां जाएगा।
कही दहेज-प्रथा तो, कही बलात्कार के लिए।
अब कितना, अत्याचार किया जाएगा।
महिलाओं को तार-तार करने वाला इंसान।
अब कहां जाएगा।
आखिर कब तक, बंदिशों मे बंधी रहेगी बेटियां।
उन्हें कब, आज़ाद किया जाएगा।
महिलाओं को तार-तार करने वाला इंसान।
अब कहां जाएगा।
कोई फांसी पर लटकाए तो, कोई ज़िन्दा जलाए।
अब कितना, अत्याचार किया जाएगा।
महिलाओं को तार-तार करने वाला इंसान।
अब कहां जाएगा।
Vicky Kumar Anand
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