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कुछ अपनी कलम से

Vanshika Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            पहले तो न जाने कितनों की ख़रोंच भी गवारा न थी,
        
                                                    
                            
फिर उनके लिए दिल में कोई जगह दोबारा न थी।
न जाने क्या हुआ है मुझे उस एक शख़्स से मिलने के बाद,
कि ख़ंजर भी उसी का है, और उससे कोई शिकायत किनारा न की।
2 घंटे पहले
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