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कुछ यादें

vandana jha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रात आती है मिलने नरेंद्र खराब लेकर
        
                                                    
                            
चलो चलें रूठे ख्वाबों से फिर मिलने।।

शाम रंग लेकर है आयी फिर गीत यादों में
चुन लो मेरे मन गीत जो है उनसे मिलने की।।

है हौसला मेरे अंतस में जीवट की लौ भर
दिया रख है रातों-रात मैंने मन में जलाकर।।

न हो खुद परेशां और को देखता तू तुझे
ये मौत का आलम है हर इंसान यहां हैं तुझ सा।।

रख आन अपनी बातों में हिम्मतवाले लोग हैं
कल की तू सोच मत अभी मंजिल दूर है आगे।।

- वंदना झा 

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8 वर्ष पहले
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