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मेरा मासूम प्यार

Vandana Agrawal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चलती राहें, तकती निगाहें
        
                                                    
                            
मौन शब्दों से प्रेम बरसाए।
सुनाए संगीत वट की छांव
बिछे पलकों तले स्वप्न गाँव।

लिए पुस्तक वह पग बढ़ाए
लगे वक्त यहीं अब ठहर जाए।
देखूं चेहरा या करूं इज़हार
सोचता रह गया मेरा मासूम प्यार।
- वंदना अग्रवाल 'निराली '
5 महीने पहले
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