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अहसास शब्दों का मोहताज नहीं होता,

Usha Vyas

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अहसास शब्दों का मोहताज नहीं होता,
        
                                                    
                            
यह खामोशी में भी बोलता है।
कभी आँखों की नमी बनकर,
कभी होंठों की मुस्कान बनकर डोलता है।
दूर रहकर भी जो पास लगे,
वही तो सच्चा अहसास है।
बिन छुए जो मन को छू जाए,
वही रिश्तों का मधुर प्रकाश है।
कभी स्मृतियों में महकता है,
कभी तन्हाई में साथ निभाता है।
कभी अनकही बातों के बीच,
मन का हाल बता जाता है।
कुछ रिश्ते नाम नहीं माँगते,
बस दिल में जगह बना लेते हैं।
कुछ पल जीवनभर की याद बनकर,
आँखों में चुपचाप उतर जाते हैं।
अहसास अगर सच्चा हो,
तो दूरियाँ भी हार जाती हैं।
मौन भले शब्दहीन रहे,
पर भावनाएँ सब कह जाती हैं।
-उषा व्यास दमोह 
5 घंटे पहले
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