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कानों में बड़ी-बड़ी बालियाँ हों…

usha shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ज़रूरी नहीं
        
                                                    
                            
हाथों में हरी चूड़ियाँ दिखाई दें,
माथे पर बिंदी सजी हो,
कानों में बड़ी-बड़ी बालियाँ हों…

औरत के उस रूप को भी प्रणाम,
जब उसके हाथों में
*लाल पेन, सफेद चॉक और डस्टर* हो।

क्योंकि औरत सिर्फ़ श्रृंगार से नहीं,
अपनी **काबिलियत, मेहनत और पहचान** से भी खूबसूरत होती है।

कभी वह घर की चौखट संभालती है,
कभी बच्चों का भविष्य सँवारती है,
और कभी हाथ में चॉक लेकर
पूरी पीढ़ी को ज्ञान का रास्ता दिखाती है।

उसके माथे की बिंदी जितनी सुंदर है,
उसके हाथों की मेहनत भी उतनी ही सम्माननीय है।

औरत के हर उस रूप को प्रणाम,
जो अपने होने का अर्थ
अपने कर्मों से लिखती है।
-ऊषा शुक्ला
एक महीने पहले
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