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उम्मीद की किरण

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अंधेरों की चादर को चीरकर,
        
                                                    
                            
नया सवेरा आज फिर आया है।
बुझने लगी थीं जो उम्मीदें दिल में,
उनमें हौसलों का दीप जलाया है।

हर मुश्किल एक इम्तिहान है यहाँ,
रुकना नहीं, बस आगे बढ़ते जाना है।
मंजिल चाहे कितनी भी दूर हो दोस्तों,
अपनी मेहनत से उसे अपना बनाना है।
17 घंटे पहले
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