विज्ञापन

आप हमें अपनी ज़िन्दगी से जला बैठे ।

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            महक
        
                                                    
                            

हम तो उन्हें याद करते हैं रात दिन।
वह हमें जिंदगी से भूला बैठे।

हमने उन्हें हर वक्त दिया सहारा
वह हमसे किनारा कर बैठे।

आप और हम थे दो जान पर एक
वह हमसे वफा कर बैठे।

हमने बनाया था अपनी जान सदा के लिए
आप हमें अपनी ज़िन्दगी से जला बैठे ।

हमने आपको सजाया अपने दिल में
आप हमें दिल से भुला बैठे।

आप हमारे ऑखो की नजर थी
आप ने हमे नजर से हिला बैठे।
-पारस जैन
 
9 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Prasoon Saxena

973 कविताएं

View Profile