महक
हम तो उन्हें याद करते हैं रात दिन।
वह हमें जिंदगी से भूला बैठे।
हमने उन्हें हर वक्त दिया सहारा
वह हमसे किनारा कर बैठे।
आप और हम थे दो जान पर एक
वह हमसे वफा कर बैठे।
हमने बनाया था अपनी जान सदा के लिए
आप हमें अपनी ज़िन्दगी से जला बैठे ।
हमने आपको सजाया अपने दिल में
आप हमें दिल से भुला बैठे।
आप हमारे ऑखो की नजर थी
आप ने हमे नजर से हिला बैठे।
-पारस जैन
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