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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चौराहे की भारी पाकड़ आज सुबह ही छांटी गई
        
                                                    
                            
बिजली के तारों में उलझती इक - इक शाख़ काटी गई
पत्रकार तो गांजा - भांग पकड़वाने में व्यस्त हैं
ले जाते हैं फोटो बंद कैमरों के
सभ्यताएं ये जंगल काट के बनी हैं जो
जंगल बदला लेंगे तुमसे देखना इक दिन
4 महीने पहले
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Sudhir Khatri

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