चौराहे की भारी पाकड़ आज सुबह ही छांटी गई
बिजली के तारों में उलझती इक - इक शाख़ काटी गई
पत्रकार तो गांजा - भांग पकड़वाने में व्यस्त हैं
ले जाते हैं फोटो बंद कैमरों के
सभ्यताएं ये जंगल काट के बनी हैं जो
जंगल बदला लेंगे तुमसे देखना इक दिन
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