विज्ञापन

मोहब्बत का कोई डर नहीं

User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाहत की क्या फ़िक्र है,
        
                                                    
                            
चाहत तो मिल ही जाएगी,
तुमको देखने के बाद,
दिल तो पिघल ही जाएगा।

ख़ुदा का ये करिश्मा,
करिश्मा बन जाएगा,
तुमको देखने के बाद,
दिल तो पिघल ही जाएगा

दिल का ये रिश्ता है
दिल तो जोड़ जाएगा
तुमको देखने के बाद
साँसे तो रुक जाएगा।

मोहब्बत का कोई डर नहीं
डर तो सिर्फ तुमसे है
कभी ना मिल जाओ तो
दिल का ये फिक्र है।

ख़्वाब में सिर्फ तुम हो
दिल में भी तुम हो,
तमन्ना तो सिर्फ ये है
हिज्र न हो।
- हिमेश अनुरागी
3 दिन पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all