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मेरी हसरते बेशुमार है

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जरूरतें बहुत कम मेरी हसरते बेशुमार है।
        
                                                    
                            
ख़्वाहिशों की वज़ह से हर कोई बीमार है।।

बुरे वक्त मे कोई साथ दे या ना दे मुझको।
मशवरा देना उनका जन्मजात अधिकार है।।

साथ देने की कोई एक जायज वजह नही।
साथ छोड़ने के बहाने अब भी एक हजार है।।

किस पर करे यकीं किस पर रखे उम्मीद।
कुछ जुबाने झूठी यहाँ कई झूठे अखबार है।।

कुछ रिश्ते शक के दायरे मे टूटते 'उपदेश'।
ज्यादा रिश्ते यहाँ गलतफ़हमी के शिकार है।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक दिन पहले
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