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घर की बेटी

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घर की बेटी अलग कमरे का ख्वाब देखती रही।
        
                                                    
                            
जब समझ पाई 'उपदेश' ससुराल नसीब में रही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
3 घंटे पहले
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