विज्ञापन

साँसों की थकान को समझने के लिए 'उपदेश'।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ दिल को सुकून मिलता ठहरने कौन देता।
        
                                                    
                            
उसके ठिकाने पर ज़माना मुझे जाने नही देता।।

दूर से महसूस करना और ख्यालो में डूबे रहना।
फितरत हुई दिल की परछाई में जाने नही देता।।

राज छुपाकर जीना पड़ता हर किसी को यहाँ।
रूह की नजाकत को करीब से जाँचने नही देता।।

जिसकी आँखों में समुन्दर की गहराई छिपी।
बेतकल्लुफ होकर वक्त उसको नापने नही देता।।

साँसों की थकान को समझने के लिए 'उपदेश'।
कुरीतियों आड़े आ जाती उन्हें समझने नही देता।।

जिनकी राते मोहब्बत के लिए सजदे कर रही।
बिना कहे दर्द को जानती उनसे उबरने नही देता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
एक घंटा पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

637 कविताएं

View Profile

Anil Pandey

416 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10393 कविताएं

View Profile