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साँसों की थकान को समझने के लिए 'उपदेश'।

                
                                                         
                            जहाँ दिल को सुकून मिलता ठहरने कौन देता।
                                                                 
                            
उसके ठिकाने पर ज़माना मुझे जाने नही देता।।

दूर से महसूस करना और ख्यालो में डूबे रहना।
फितरत हुई दिल की परछाई में जाने नही देता।।

राज छुपाकर जीना पड़ता हर किसी को यहाँ।
रूह की नजाकत को करीब से जाँचने नही देता।।

जिसकी आँखों में समुन्दर की गहराई छिपी।
बेतकल्लुफ होकर वक्त उसको नापने नही देता।।

साँसों की थकान को समझने के लिए 'उपदेश'।
कुरीतियों आड़े आ जाती उन्हें समझने नही देता।।

जिनकी राते मोहब्बत के लिए सजदे कर रही।
बिना कहे दर्द को जानती उनसे उबरने नही देता।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
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48 मिनट पहले

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