अपने लिए जिए तो क्या जिए
दूसरों के काम आए तो कोई बात हो।
यह जग मतलब से भरा घड़ा है -
इस घड़े में प्यार मिलवावो तो कोई बात हो।
हर कोई खंजर लिए घूमता है रिश्तों में,
रिश्तों को प्रेम में बंधवावो तो कोई बात हो।
नफ़रत की आंधी, ईर्ष्या की बाढ़,
सबके मन से हटवाओ तो कोई बात हो।
पास पास होकर भी रहते हो दूर दूर,
एक हो कर गले लगवाओ तो कोई बात हो।