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अपने लिए जिए तो क्या जिए

UMAKANT SHARMA

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने लिए जिए तो क्या जिए
        
                                                    
                            
दूसरों के काम आए तो कोई बात हो।
यह जग मतलब से भरा घड़ा है -
इस घड़े में प्यार मिलवावो तो कोई बात हो।
हर कोई खंजर लिए घूमता है रिश्तों में,
रिश्तों को प्रेम में बंधवावो तो कोई बात हो।
नफ़रत की आंधी, ईर्ष्या की बाढ़,
सबके मन से हटवाओ तो कोई बात हो।
पास पास होकर भी रहते हो दूर दूर,
एक हो कर गले लगवाओ तो कोई बात हो।

 
3 घंटे पहले
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