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कब कहा तुम मेरी ही अमानत रहो

Trishika Srivastava

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कब कहा तुम मेरी ही अमानत रहो
        
                                                    
                            
तुम जहाँ भी रहो बस सलामत रहो
मुझको काशी-मदीना नहीं चाहिए
तुम मेरी धड़कनों की इबादत रहो
— त्रिशिका धरा
एक दिन पहले
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